Kavyaganga organized in Unnao: confluence of literature and culture | उन्नाव में काव्यगंगा का आयोजन: साहित्य और संस्कृति का संगम | Shabdganga

उन्नाव में काव्यगंगा का आयोजन: साहित्य और संस्कृति का संगम

उन्नाव, 29 दिसंबर 2024: शब्दगंगा, सृजन और 2YoDoINDIA News Network (2YoDo TV) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तृतीय काव्यगोष्ठी ‘काव्यगंगा’ का भव्य आयोजन स्वर्गीय पंडित शिवाकांत शुक्ला जी की पवित्र स्मृति में उन्नाव के ‘होटल शिवाइन’, शिवनगर में किया गया। यह आयोजन न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए एक प्रेरणा बना, बल्कि स्थानीय और प्रादेशिक स्तर पर साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ने का अवसर भी रहा।

मुख्य अतिथि का सम्मान और कवियों की भव्य प्रस्तुति

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मनीष निगम (माननीय सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उन्नाव) को उनके योगदान और उपस्थिति के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

गोष्ठी में मुख्य कवि के रूप में श्री शंकर जी सिंह (सहायक परिवहन अधिकारी, बांदा), श्री हरीश रावत ( पूर्व अधीक्षक)ने अपनी गहरी और विचारशील रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को अभिभूत किया। उनकी कविताओं में सामाजिक सरोकार, मानवीय मूल्यों और साहित्यिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम देखने को मिला।

नवांकुर कवियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ

गोष्ठी की शोभा बढ़ाने के लिए नवांकुर कवियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इनमें राहुल राम द्विवेदी, रिषभ बाजपेई, राम जी तिवारी, विशाल राणा, अमन शुक्ला, मोहित वर्मा, कवियित्री श्रीमती सारिका तिवारी, और कवियित्री अग्रिमा तिवारी, कव कुश तिवारी, कवि ओम त्रिवेदी, कवि विकास दुबे, कवि विमल माखी शामिल थे। इन कवियों ने अपनी कविताओं से दर्शकों के दिलों को छुआ और उन्हें साहित्यिक रस से सराबोर किया।

कार्यक्रम संचालन और अध्यक्षता

कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध साहित्यकार राकेश तिवारी ‘राही’ ने किया, जिनकी ऊर्जा और प्रस्तुति शैली ने गोष्ठी को जीवंत बनाए रखा। डाॅ. विनय दीक्षित आशु ने अपनी अध्यक्षता में आयोजन को गरिमा प्रदान की और साहित्यिक दृष्टिकोण से इसे सार्थक बनाया।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में उन्नाव और आस-पास के क्षेत्रों के कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने भाग लिया। इनमें भगवान वत्स चंदेल, ओ.पी. तिवारी, कुंवर प्रेम सिंह सेंगर, अशोक कुमार ‘मुन्ना’ सिंह, धर्मेंद्र मिश्रा, राकेश मिश्रा, संजय शुक्ला, अजय शुक्ला, नीरज निगम, मुकेश सैनी, वैभव शुक्ला, मयंक शुक्ला, रविंद्र बाबू, राजेश शुक्ला, डाॅ. शशिरंजना अग्निहोत्री, काजल चौधरी, देवशंकर वर्मा, पुत्तन पाल, सत्येंद्र त्रिपाठी, डाॅ. राजीव सिंह, संजय गुप्ता, ओम त्रिवेदी, सौरभ पांडेय, समीर मिश्रा, और वृजराज सिंह जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी अधिक महत्वपूर्ण और यादगार बना दिया।

साहित्य और संस्कृति का संगम

काव्यगोष्ठी ‘काव्यगंगा’ न केवल एक साहित्यिक मंच साबित हुआ, बल्कि इसमें पं. शिवाकांत शुक्ला जी की स्मृति को जीवंत करते हुए साहित्य और संस्कृति के प्रति समर्पण का अनूठा संदेश दिया। आयोजन ने साहित्य प्रेमियों को एक साथ लाकर विचारों और भावनाओं का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान किया।

इस अवसर पर वक्ताओं और कवियों ने पं. शिवाकांत शुक्ला जी के जीवन और उनके सामाजिक योगदान को याद किया। सभी ने उनके आदर्शों और विचारों को अपनाने की प्रेरणा ली।

आयोजन का संदेश

यह आयोजन साहित्य के प्रति समर्पण और युवा कवियों को प्रोत्साहन देने का अद्वितीय उदाहरण बना। ‘काव्यगंगा’ ने यह सिद्ध किया कि साहित्य का माध्यम हमारी संस्कृति और विचारों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी कार्य करता है।

काव्यगंगा ने अपनी छाप छोड़ते हुए साहित्य प्रेमियों के दिलों में अनगिनत यादें और प्रेरणा के बीज बो दिए। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।

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